चेन्नै उपधान प्रवचन - १८/११/२०१३


आचार्य पू.आ. अजितशेखरसूरीश्वरजी मा. सा. ने संबोधन करते कहा कि:

  • अरिहंत भगवंत कहते है - मोक्ष मार्ग संमार्ग पर चलो । 
  • सिद्ध भगवंत कहते है - पुरुषार्थ करना है तो ऐसी चीज के लिए करो जो प्राप्त  होने बाद  कभी न जाय । 
  • आचार्य भगवंत कहते है - दुराचारो  को छोड़कर सदाचार का पालन करो । 
  • उपाध्याय भगवंत कहते है - उपकारी, वडिल, गुरु आदि का सतत विनय करो । 
  • सधु भगवंत कहते है - सभी को सहाय करो । 
  1. प्रयत्न कर कुछ  बहार प्राप्त करना वो सफलता है । कैसी भी स्थिति में अंदर आत्मा में रहना वो सिद्धि है ।
  2. पुण्य  से प्राप्त हो वो सफलता है, अपने पुरुषार्थ से प्राप्त हो वो सिद्धि है । 
  3. Temporary प्राप्त हो वो सफलता है । Permanent प्राप्त हो वो सिद्धि है । 
  4. आपके कार्य को देख वाह-वाह करे वो सफलता है,   आपके कार्य को देख लोगो को आपके प्रति आकर्षण हो वो सिद्धि है ।  
अब तय करो कि आपको प्राप्त  घर,परिवार, संपति, सन्मान वो सफलता है या सिद्धि?