आचार्य पू.आ. अजितशेखरसूरीश्वरजी मा. सा. ने संबोधन करते कहा कि:
- अरिहंत भगवंत कहते है - मोक्ष मार्ग संमार्ग पर चलो ।
- सिद्ध भगवंत कहते है - पुरुषार्थ करना है तो ऐसी चीज के लिए करो जो प्राप्त होने बाद कभी न जाय ।
- आचार्य भगवंत कहते है - दुराचारो को छोड़कर सदाचार का पालन करो ।
- उपाध्याय भगवंत कहते है - उपकारी, वडिल, गुरु आदि का सतत विनय करो ।
- सधु भगवंत कहते है - सभी को सहाय करो ।
- प्रयत्न कर कुछ बहार प्राप्त करना वो सफलता है । कैसी भी स्थिति में अंदर आत्मा में रहना वो सिद्धि है ।
- पुण्य से प्राप्त हो वो सफलता है, अपने पुरुषार्थ से प्राप्त हो वो सिद्धि है ।
- Temporary प्राप्त हो वो सफलता है । Permanent प्राप्त हो वो सिद्धि है ।
- आपके कार्य को देख वाह-वाह करे वो सफलता है, आपके कार्य को देख लोगो को आपके प्रति आकर्षण हो वो सिद्धि है ।